प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन में रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रॉस से सम्मानित किया गया। यह किसी सरकार के प्रमुख को दिया जाने वाला स्वीडन का सबसे बड़ा सम्मान है। इस पर पीएम मोदी ने का कि उन्हें यह सम्मान मिलना 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। इस दौरान दोनों देश बाइलेटरल रिलेशनशिप को स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाने पर सहमत हुए। पीएम मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री के साथ डेलिगेशन लेवल की बातचीत की। इस दौरान दोनों नेताओं ने ट्रेड और इन्वेस्टमेंट, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, ग्रीन ट्रांजिशन, स्पेस, उभरती टेक्नोलॉजी, डिफेंस और सिक्योरिटी, लघु उद्योग, रिसर्च और लोगों के बीच संबंधों में सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
पीएम मोदी ने संयुक्त संबोधन में कहा कि डिफेंस सेक्टर में हमारा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। स्वीडिश कंपनियों द्वारा भारत में प्रोडक्शन फैसिलिटी बनाना इस बात का सबूत है कि हम सिर्फ बायर-सेलर के रिश्ते से आगे बढ़कर लंबे समय की इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के स्टार्टअप और रिसर्च इकोसिस्टम के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए, हम एक इंडिया-स्वीडन साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर बना रहे हैं। इंडस्ट्री ट्रांज़िशन के लिए लीडरशिप ग्रुप हमारी शेयर्ड ग्लोबल पहल है, जिसके तहत हम लो-कार्बन इंडस्ट्रियल ट्रांसफॉर्मेशन पर जोर दे रहे हैं। आज, हमने इसके तीसरे फेज़ को शुरू करने का फ़ैसला किया है। भारत में, ग्रीन हाइड्रोजन, सर्कुलर इकोनॉमी और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर काम किया जा रहा है। स्वीडन की टेक्नोलॉजी को भारत के पैमाने के साथ मिलाकर, हम पूरी दुनिया के लिए क्लाइमेट सॉल्यूशन बना सकते हैं।
स्वीडन पहुंचने पर स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ हजलमार क्रिस्टर्सन ने एयरपोर्ट पर गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया और पारंपारिक भारतीय नृत्य के साथ उनका स्वागत किया गया। इसके बाद पीएम मोदी ने अफस्लुइटडिज्क बांध का दौरा किया। इस दौरान स्वीडन के प्रधानमंत्री भी उनके साथ थे। स्वीडिश पीएम ने उन्हें बांध के बारे में जानकारी दी। भारत के गुजरात में भी इसी तरह का बांध बनाए जाने की योजना है। स्वीडन इसमें भारत का सहयोग करेगा।
पीएम मोदी का 2 दिवसीय दौरा ऐसे वक्त में हुआ है, जब भारत-यूरोप के बीच तकनीकी, रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी तेजी के साथ मजबूत हो रही है। जनवरी, 2026 में लागू हुए भारत और यूरोपियन यूनियन के Free Trade Agreement के बाद PM मोदी का यह पहला यूरोप का दौरा है। स्वीडन और भारत के बीच बढ़ते आर्थिक संबंध इस पार्टनरशिप की मजबूती को दिखाते हैं। साल 2025 में दोनों देशों के बीच ट्रेड 7.75 अरब डॉलर के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया।